जिला में अवैध खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। किसी भी स्थान पर अवैध माइनिंग होती पाई गई तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लघु सचिवालय सभागार में खनन विभाग की बैठक को संबोधित करते हुए डीसी अभिषेक मीणा ने आज ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला में 57 स्थानों मिट्टी के खनन की अनुमति दी गई है। खनन विभाग के अधिकारी यह निरीक्षण करें कि इनके अलावा किसी और स्थान पर तो मिट्टी की खुदाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि खोल क्षेत्र में पहाडिय़ों की चेकिंग की जाए। कई बार इन पहाडिय़ों में लोग अपनी अवैध रूप से अपनी मशीनरी लगाकर पत्थर चोरी करते हैं। पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र मीणा ने कहा कि वे विशेष रूप से पुलिस टीम को खोल की चेकिंग के लिए भेजेंगे।
डीसी ने कहा कि जिला में निर्माण सामग्री लेकर जा रहे ओवरलोड वाहनों के चालान किए जाएं। कोई भी ट्रक, डंपर, ट्रैक्टर आदि वाहन ओवरलोड निर्माण सामग्री से लदा पाया गया तो उसे जब्त कर लिया जाएगा।
इसके उपरांत डीसी अभिषेक मीणा द्वारा बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध और विनियम अधिनियम 1986 के अंतर्गत टास्क फोर्स कमेटी की बैठक ली। जिसमें श्रम अधिकारियों द्वारा श्रम एक्ट के तहत अब तक की गई कार्यवाही के बारे में भी समीक्षा की गई। उन्होंने बैठक में डीटीएफ टीम को निर्देश दिए कि जिला रेवाड़ी में कहीं भी बाल श्रम को पनपने नहीं दिया जाए। जहां भी बाल श्रम नियमों की अवहेलना हो, वहां सहायक श्रम आयुक्त स्वयं मौके पर पहुंचकर बाल श्रमिकों को मुक्त करवाने का कार्य करें। साथ ही श्रम एक्ट के तहत श्रम नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही करें। इस अवसर पर एसीयूटी रूहानी, एसडीएम सुरेंद्र ङ्क्षसह, डीएसपी सुरेंद्र श्योराण, डीएसपी विनोद शंकर इत्यादि मौजूद रहे।