बलिया (सोनबरसा)। सोनबरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में व्याप्त अव्यवस्थाओं और डॉक्टरों की लापरवाही के खिलाफ लंबे समय से उठ रही जनआवाज आखिरकार रंग लाई। ग्रामीणों के तीव्र विरोध और धरने के बीच जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने मौके पर पहुँचकर तत्काल प्रभाव से लापरवाह डॉक्टरों का तबादला कर दिया और उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को विस्तृत रिपोर्ट भेज दी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय लोगों में संतोष की लहर है। सीएमओ द्वारा डॉक्टर देवनीति को नया अधीक्षक नियुक्त किए जाने की घोषणा भी मौके पर ही की गई, जिन्होंने उसी दिन कार्यभार ग्रहण कर लिया। धरना दे रहे ग्रामीणों ने जताई नाराजगी। पिछले कई महीनों से अस्पताल में मरीजों के साथ दुर्व्यवहार, समय पर डॉक्टरों का न पहुंचना, इमरजेंसी सेवाओं में लापरवाही जैसी गंभीर शिकायतें मिल रही थीं। मरीजों को इलाज के लिए प्राइवेट क्लीनिक का रुख करना पड़ रहा था। इससे नाराज़ ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन और धरना शुरू कर दिया था।
सीएमओ का सख्त संदेश:
धरना स्थल पर पहुंचे सीएमओ ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनता की स्वास्थ्य सुरक्षा से समझौता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लापरवाह कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई निश्चित है।
नव-नियुक्त अधीक्षक डॉक्टर देवनीति का बयान:
मैं जनता को विश्वास दिलाता हूँ कि अस्पताल की हर सेवा को पारदर्शी और उत्तरदायी बनाया जाएगा। किसी भी प्रकार की शिकायत को प्राथमिकता से सुना जाएगा।
ग्रामीणों की चेतावनी-
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि आने वाले समय में सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की इस पहल ने जहाँ लोगों की उम्मीदें फिर से जगाई हैं, वहीं प्रशासन को भी यह संदेश गया है कि जनता अब जागरूक है और अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठाने को तैयार है।