एनएच 12 के पास साड़ी कुटीर बेलेमथ फुलिया में पलाश देव और उत्तम घोष के बीच वित्तीय अशांति
दीपक रॉय, राष्ट्रीय प्रसार
नदिया, पश्चिम बंगाल। मंगलवार को दोपहर करीब 12 बजे फुलिया बेलेमठ स्थित साड़ी कुटीर के सामने अचानक भारी भीड़ जमा हो गई। मौके पर एक पुलिस वैन भी पहुँची। हमारे वरिष्ठ पत्रकार दीपक डी. रॉय ने मौके पर दोनों पक्षों से बात की और बताया कि इस पूरे हंगामे की जड़ दरअसल दुकान बिक्री का समझौता है।
करीब एक साल पहले, पहले पक्ष उत्तम घोष, निवासी पोस्ट बुइचा, शांतिपुर थाना क्षेत्र, खरीदार के रूप में और दूसरे पक्ष रीना देव नंदी, निवासी बुइचा, शांतिपुर थाना क्षेत्र, विक्रेता के रूप में, दुकान/परिसर की बिक्री के लिए एक समझौता किया था। दुकान की कुल कीमत 1 करोड़ 10 लाख तय हुई थी। इसमें से उत्तम घोष ने 40 लाख रुपये अग्रिम भुगतान कर दिए और दोनों पक्षों ने तीन महीने के भीतर शेष राशि का भुगतान करने पर सहमति व्यक्त की।
लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी यह समझौता पूरा नहीं हुआ है। दोनों पक्ष तरह-तरह के बहाने बनाकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। उन्होंने समस्या के समाधान के लिए स्थानीय पंचायत से भी संपर्क किया, लेकिन वहाँ भी कोई समाधान नहीं निकला।
इस बीच, विक्रेता के पति देव ने आरोप लगाया कि उत्तम घोष ने उन्हें और उनके परिवार को धमकाया और जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने इस संबंध में फुलिया पुलिस कैंप में जीडी संख्या 397/25, दिनांक 26-02-2025, विषय - "हत्या का प्रयास" के तहत शिकायत दर्ज कराई है।
घटना के दौरान यह भी आरोप लगाया गया है कि उत्तम घोष कुछ लोगों के साथ पलाश देव के शोरूम में घुसे, विक्रेता की पत्नी, बहू और कर्मचारियों को अस्पष्ट भाषा में गालियाँ दीं और शोरूम के शटर नीचे कर दिए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, पलाश देव ने स्थानीय पुलिस को सूचित किया। बाद में शांतिपुर थाना पुलिस ने आकर स्थिति को नियंत्रण में किया।
माना जा रहा है कि पुलिस के समय पर हस्तक्षेप से एक बड़ा हादसा टल गया। शांतिपुर थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों को कानूनी तरीके से मामला सुलझाने की सलाह दी और उत्तम घोष को दुकान के शटर खोलने का आदेश दिया। फिलहाल, दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं और भारी आर्थिक नुकसान का आरोप लगा रहे हैं।
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